सब कुछ है पास मेरे
बस इक सिवाय तेरे
तूने कहा भुला दे
मेरे सारे कसमे वादे
तूने सजा सुनाई
पर ना खता बताई
ठहरी सी जिन्दगी है
बेनामी हर ख़ुशी है
तू दे गया अंधेरे
छीने सभी सवेरे
सब कुछ है ------------
वो बाग ,फूल ,चिड़ियाँ
तालाब की वो सीढ़ियां
वहाँ संग तेरे जाना
हसना ,वो गुनगुनाना
किस्से इधर उधर के
वो रिश्ते उम्र भर के
सब रिश्ते तोड़ डाले
दिल संभले ना संभाले
सुन खुशियों के लुटेरे
तेरी याद रहती घेरे
सब कुछ है -------------
शालिनी शर्मा
बस इक सिवाय तेरे
तूने कहा भुला दे
मेरे सारे कसमे वादे
तूने सजा सुनाई
पर ना खता बताई
ठहरी सी जिन्दगी है
बेनामी हर ख़ुशी है
तू दे गया अंधेरे
छीने सभी सवेरे
सब कुछ है ------------
वो बाग ,फूल ,चिड़ियाँ
तालाब की वो सीढ़ियां
वहाँ संग तेरे जाना
हसना ,वो गुनगुनाना
किस्से इधर उधर के
वो रिश्ते उम्र भर के
सब रिश्ते तोड़ डाले
दिल संभले ना संभाले
सुन खुशियों के लुटेरे
तेरी याद रहती घेरे
सब कुछ है -------------
शालिनी शर्मा
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