नजरे झुका के वो मुझे सलाम कर रहा है
खामोश है जुबां नजर से काम कर रहा है
उसकी नजर में देखी है दुनिया से बगावत
मेरे लिए वो पार हद तमाम कर रहा है
उसकी नजर की हलचल कुछ कह रही है मुझसे
महफिल में कुछ कहे बिना बदनाम कर रहा है
ना जाने किस नशे का उसपे चढ़ा सुरूर
पैमाना खाली है नजर से जाम भर रहा है
मैने नजर झुका ली चेहरा घुमा लिया
फिर भी नजर से पीछा सरे आम कर रहा है
उसकी नजर से मुझको लगने लगा है डर
इजहारे मोहब्बत वो सुबह शाम कर रहा है
शालिनी शर्मा
वो दोस्त हों जो साथ चलते जरूरी नहीं
वो सुखी हो जो दिखते हंसते जरूरी नहीं
सब की मजबूरियां हैं निभाते चलो वक्त जैसा भी गुजरे बिताते चलो
दिन अच्छे ही कटते जरूरी जरूरी नही शालिनी शर्मा
खामोश है जुबां नजर से काम कर रहा है
उसकी नजर में देखी है दुनिया से बगावत
मेरे लिए वो पार हद तमाम कर रहा है
उसकी नजर की हलचल कुछ कह रही है मुझसे
महफिल में कुछ कहे बिना बदनाम कर रहा है
ना जाने किस नशे का उसपे चढ़ा सुरूर
पैमाना खाली है नजर से जाम भर रहा है
मैने नजर झुका ली चेहरा घुमा लिया
फिर भी नजर से पीछा सरे आम कर रहा है
उसकी नजर से मुझको लगने लगा है डर
इजहारे मोहब्बत वो सुबह शाम कर रहा है
शालिनी शर्मा
वो दोस्त हों जो साथ चलते जरूरी नहीं
वो सुखी हो जो दिखते हंसते जरूरी नहीं
सब की मजबूरियां हैं निभाते चलो वक्त जैसा भी गुजरे बिताते चलो
दिन अच्छे ही कटते जरूरी जरूरी नही शालिनी शर्मा