NAMAN

NAMAN
SMILE

Tuesday, 8 December 2015

Phool

अलग अन्दाज में ये फूल स्वागत सबका करते हैं 
ना शिकवा ,ना शिकायत ,ना गिला ना बैर करते हैं 
जब भी मिलते हैं हंस के मिलते हैं जिंदादिली से ये
खुशबुएँ देने का ये कार्य स्वार्थ बगैर करते हैं