NAMAN

NAMAN
SMILE

Thursday, 28 July 2016

MERA DESH

कारगिल विजय दिवस पर विशेष

विषम और दुर्गम खतरो का भय जहां पर मड़राता है

सर्द,बर्फ वाली रातो में जहां खूं भी जम जाता है

नमन हिन्द की सेना को जो हर खतरा सह जाती है

हर जवान जिसका सकंट में साहस,जोश दिखाता है

शालिनी शर्मा

भारत मां के वीर सपूतो कसम तुम्हे इस माटी की

जब तक खूं में जान रहे रक्षा करना इस घाटी की

शत्रु तुमको बार बार ललकार रहा घर में घुस कर

नाको चने चबा दो ये उम्मीद करे ना माफी की

शालिनी शर्मा

स्व अब्दुल कलाम सर को प्रथम पुन्यतिथी पर नमन

कलाम भी गरीब बच्चो से प्यार करते थे 
अन्तर
तेरे घर खुशयों का मेला ,मेरा घर वीरान है

तुझे मिले सम्मान यहां हम सहते बस अपमान है

फुटपाथो पर जीवन जीना कहां यहां आसान है

हमने धरा बिछायी नीचे ,और ओढ़ा आसमान है

जीते जी रोटी को तरसें हम एेसे इन्सान हैं

सभ्य समाज का कूड़ा करकट ,रद्दी का सामान हैं

सुन्दर शहर ये सुन्दर गलियां ,इन पर दाग समान है

दो वर्गो के बीच है खायी,कहां पे एक समान हैं

हम तो इस दुनिया में जैसे बिन बुलाये महमान है

मत दुत्कारो हम भी इस धरती की ही सन्तान हैं

शालिनी शर्मा

तेरे पास दुनिया की दोलत, वो मेरे किस काम की

मेरे लिये तो मेरी झोपड़ी, सौ करोड़ के दाम की

शालिनी शर्मा

Saturday, 23 July 2016

funny



मोटे के मरने पर हिन्दी हास्य कविता 
कृपया वजन ना बढ़ने दे वजन बढ़ना सेहत के लिए हानिकारक है 
जनहित में जारी ----------
"सजल नयन मेरे भर भर आते हैं 
कैसे इस विकट घड़ी को सह  पायेंगे 
अश्रुओं की धारा बार बार यही पूछती है 
कितने लोग इसको उठायेंगे "
          "कांधा देकर मोटे को कर लो थोड़ा व्यायाम 
         कसरत अच्छी चीज है छोडो दिनभर का आराम" 
           
                                  
छोड़ के बीजेपी का दामन आप को गले लगाया है 
सीएम बनने का सपना लो सिद्घू जी को आया है 
कपिल के शो की कुर्सी शायद छोटी दिखने लगी उन्हें 
एक बार फिर कुर्सी मोह ने अपना रंग दिखाया है 
                           शालिनी शर्मा 

तूफानों में भी हम डगमगाते नही हैं 
क्योंकि कश्ती तूफानों में ले जाते नहीं हैं 
अगर दिख जाये कोई हमसे तगड़ा 
तो पंजा उससे लड़ाते नहीं हैं 

       क्योंकि सावधानी हटी दुर्घटना घटी 

Friday, 22 July 2016

Disabled

दिल से दिल जुड़ने की बातें हो गयी सभी पुरानी 
कोन समझता नये दौर में विकलांगों की परेशानी 





























नमस्कार दोस्तों 
आज रास्ते से गुजरते हुए अचानक कुछ ऐसे लोगो की तरफ ध्यान चला गया जो जिस्मानी तौर पर सक्षम नही थे। सड़कों पर ,बस स्टैण्ड पर ,रेलवे स्टेशन पर ऐसे लोग आमतौर पर दिख ही जाते हैं। पर क्या हम सचमुच उन्हें देख कर घृणा से मुंह नहीं फेर लेते हैं। कितने लोग ऐसे लोगो के साथ हमदर्दी ,सहानुभूति ,और मदद का भाव रखते हैं। हम सचमुच बहुत भाग्यशाली हैं कि भगवान ने हमें शारीरिक रूप से सक्षम बनाया है हम उन लोगो की परेशानियां महसूस भी नही कर  सकते की ऐसे लोग कहाँ कहाँ कैसी कैसी परेशानिया उठाते होंगे। हमे आगे बढ़कर ऐसे लोगो की मदद जरूर करनी चाहिये। जो आर्थिक रूप से सम्पन्न हैं उन्हें आर्थिक मदद करनी चाहिये। जो शरीर का एक भी अंग काम करना बन्द कर देता है तो हम परेशान हो जाते है जिनके कई कई अंग काम नहीं करते उनकी परेशानी कितनी होती होगी।  जो विचार ऐसे लोगो को देखकर मन में आये वो ये गजल के रूप में परिवर्तित होकर आपके सम्मुख पेश हैं। हमेशा की तरह आपका सहयोग मिलेगा। 
                          शालिनी शर्मा 


तीन दिसम्बर को विश्व विकलांग दिवस मनाया जाता है पर हमे रोज ही असक्षम लोगो का ध्यान रखना चाहिये। 

Rohtash Singh Hooda, president, Haryana Rajya Viklang Sanghathan ...


सुधा चन्द्रन एक उदाहरण है कि अपंग होने पर भी हम वो हासिल कर सकते है जो किसी का भी सपना हो सकता है.रविन्द्र जैन ,गिरीश शर्मा ,शेखर नाइक ,सीईओ एच रामकृष्णन म्यूज़िक चैनल ,प्रीति श्री निवासन ,सतेन्द्र सिंह आदि कुछ ऐसे उदाहरण है जिनसे हमे प्रेरणा मिलती है की अगर आदमी चाहे तो शारीरिक अक्षमता भी हमारी राहों का रोड़ा नही बन सकती। 


boni


  ORGANIZATIONS IN INDIA recognized and aided by Government of India, M/o. Social Justice and Empowerment, working to help children with CP, MR. MH, Autism and Down syndrome. The list does not include Orthopaedic or Hearing or Vision Impaired children's institutionsThe list IS NOT EXHAUSTIVE NEW 
  • PARIVAAR: Parent organization of NGOs of India working for special need persons
  • Organizations in Delhi area: A large list of NGOs working for special need persons in Delhi area, provided courtesy of Concerned Action Now plus some of our own additions
  • Ministry of Social Justice and Empowerment, Government of India; Shastri Bhawan; 6th Floor, New Delhi 110001; Direction: Click on Grants link on left column. Choose DD (Disability Division). Choose your state and also select to see in turn the grant sanctioned in the last three years; due to various delays, many of the organizations did not receive grants and may not be linked for a particular year though they remain recognized.
  • Handicapped Children's Parent's Association: They have built and are running a respite-care cum therapy Home for CP children at Pappankalan in South West of New Delhi
  • Alzheimer's Society of India Delhi Chapter
  • Business-Inc.Net - web directory containing links to many health/disability sites.
  • Digital Hearing Aids for the hearing impaired persons website
  • Gelârt International Limited of Box 54117 Mana PO .Wellington, 7 Mana Esplanade Paremata, NEW ZEALAND;
    Tel: 0800 65 2100, +64 4 233 0925, fax: +64 4 233 0982; E-email: 
    gelart@xtra.co.nz make a lot of useful equipment for Special need persons and children. It is worth a check out if you live that side of the Globe.
  • John's Society for Spastics
    Provides special education and hostel facility for the disabled without age restriction.
    G-92, Phase-6, Aya Nagar, New Delhi 110047; Contact Person: 
    Bessie Mathew; ( General Secretary); Mobile: 9871688997
  • NGO in  South India: An organization in South India working for the disabled
  • Sri Prashanthi Academy has been set up at Coimbatore Tamilnadu to help special children with a wide spectrum of Standard Therapies for CP, Autism, MR, Down, etc

Thursday, 21 July 2016

NATURE

तू शबनम की बूँद 
पवन है सुबह सुबह बहने वाली 
तू सर्द चाँदनी रात 
कोयलिया कुहु कुहु कहने वाली 
नयनाभिराम नव धवल शिखर ,
झरना है गीत सुनाता है 
तू शान्त समुन्दर सा गहरा
है  लहर विचल भी जाता है 
उन्मुक्त भोर की किरण है तू 
तू है चिड़ियों का कोलाहल 
तू तो सावन की रिमझिम है 
बादल तू इन्द्रधनुषी हलचल 
फूलो की घाटी का उपवन 
तू चमन नजर ना आये 
दुनिया की नजरो से छिपकर भी 
गुलशन तू महकाये 
                        शालिनी शर्मा 
नमस्कार दोस्तों 
आज प्रकृति की खूबसूरती को शब्दो में कहने का मन किया तो एक नयी कविता का जन्म हो गया। प्रकृति की सुन्दरता के विवरण से पूरा साहित्य भरा पड़ा है जिन्होंने भी प्रकृति का वर्णन किया उनसब को प्रणाम करती हूँ और अपनी ये छोटी सी रचना आप सब की नजर करती हूँ। आशा है हमेशा की तरह आपका समर्थन मिलेगा। सृजनकर्ता ने हमारी धरती को क्या क्या नायाब चीजे दी है और एक हम हैं की इन्हें सम्भाल नही पा रहे । 
                                       प्लीज -----------------
     SAVE NATURE SAVE FUTURE


Tuesday, 29 March 2016

GAJAL


                       गज़ल

तुमने  कहा रुकने को पर हम  ना रुक सके 
रुसवाइयों का  डर था ,  ना भाव  छुप  सके
            कहना तो चाहते थे    दिल  की  सभी  बातें 
            बन्दिश थी शर्म की ,पर कह  ना कुछ सके 
तुम रूठ  कर गये तो फिर ना लोट के आये 
ऐसी अना भी क्या ना जो थोड़ा सा झुक सके 
            विश्वास तोड़ के मेरा सब कुछ जला दिया 
           मेरी नजर से गिर के वो फिर ना उठ सके 
लावारिसों की मौत मर गया वो इस तरह 
कांधे को चार लोग ना एक साथ जुट सके 
         सोहबत बुरी थी मुझपे भी इसका असर हुआ 
         जितनी थी बुरी लत लगी ना उनसे छुट सके
                                         शालिनी शर्मा  
कृपया उपरोक्त रचना के सन्दर्भ में अपनी प्रतिक्रियायें अवश्य दे आपके कमेन्ट मेरी प्रेरणा है











Sunday, 27 March 2016

MUSHKIL

























कृपया उपरोक्त रचना के सन्दर्भ में अपनी प्रतिक्रियायें अवश्य दे आपके कमेन्ट मेरी प्रेरणा है