दिल की बातें छुपाने का हुनर आ गया
सबको अपना बनाने का हुनर आ गया
वो काबिल है तब वो समझा उसे
जब मक्खन लगाने का हुनर आ गया
सच कहा था तो ये दुनिया दुश्मन बनी
झूठ लबो पे सजाने का हुनर आ गया
दुनिया वैसी नही जैसी किताबो में है
सबको मुखोटे लगाने का हुनर आ गया
कड़वी बाते वो जब से कहने लगा
हमको जहर भी पचाने का हुनर आ गया
घर की चार दीवारी में नादान थे
दुनिया देखी सताने का हुनर आ गया
इस बाजार से तुमने सीखा बहुत
खोटा सिक्का चलाने का हुनर आ गया
शालिनी शर्मा
सबको अपना बनाने का हुनर आ गया
वो काबिल है तब वो समझा उसे
जब मक्खन लगाने का हुनर आ गया
सच कहा था तो ये दुनिया दुश्मन बनी
झूठ लबो पे सजाने का हुनर आ गया
दुनिया वैसी नही जैसी किताबो में है
सबको मुखोटे लगाने का हुनर आ गया
कड़वी बाते वो जब से कहने लगा
हमको जहर भी पचाने का हुनर आ गया
घर की चार दीवारी में नादान थे
दुनिया देखी सताने का हुनर आ गया
इस बाजार से तुमने सीखा बहुत
खोटा सिक्का चलाने का हुनर आ गया
शालिनी शर्मा
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