घर जिनके होते है जगमग दीवाली जैसे
भईया वो तो एक नम्बरी नहीं होते हैं
एक नम्बर का कमाने वाले दोस्तो
चिन्ता के अंधेरो को दिन रात ढोते हैं
बच्चो की फीस और घर का किराया
बिटिया की शादी कैसे हो सोच सोते हैं
एक नम्बर की कमाई का यही है फंडा
कैसे करे पूरे खर्चे दिन रात रोते हैं
शालिनी शर्मा