गीत
बापू ने दी दुहाई मुझे घर की आन की
चढ़ जा बलि औ बकरे ये फरमान हो गए
सपने कुछ और थे मगर हम घोड़ी चढ़ गये
हम घर की आन शान पे कुर्बान हो गये
बापू ने दी दुहाई मुझे घर की आन की
चढ़ जा बलि औ बकरे ये फरमान हो गए
सपने कुछ और थे मगर हम घोड़ी चढ़ गये
हम घर की आन शान पे कुर्बान हो गये
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