मेरी नजर से गिर के, वो फिर ना उठ सका
ऐसी अना भी क्या ना जो थोड़ा सा झुक सका
उसने मुझे अन्जाने में लूटा घड़ी घड़ी
वाकिफ हुआ जो उससे मैं तब फिर ना लुट सका
मैंने भी दिये जख्म उसे याद जो रहे
मैं ना अकेला जख्मों के फंदो में घुट सका
चलती सड़क पे भीड़ के वो सामने लुटा
उसकी मदद को एक भी बन्दा ना रुक सका
सोहबत बुरी थी मुझमें भी उसका असर हुआ
जितनी थी बुरी लत लगी ना उनसे छुट सका
गर्दिश में मर गया वो भूख से तड़प तड़प
उसके लिये कफ़न का कपड़ा ना जुट सका
शालिनी शर्मा
ऐसी अना भी क्या ना जो थोड़ा सा झुक सका
उसने मुझे अन्जाने में लूटा घड़ी घड़ी
वाकिफ हुआ जो उससे मैं तब फिर ना लुट सका
मैंने भी दिये जख्म उसे याद जो रहे
मैं ना अकेला जख्मों के फंदो में घुट सका
चलती सड़क पे भीड़ के वो सामने लुटा
उसकी मदद को एक भी बन्दा ना रुक सका
सोहबत बुरी थी मुझमें भी उसका असर हुआ
जितनी थी बुरी लत लगी ना उनसे छुट सका
गर्दिश में मर गया वो भूख से तड़प तड़प
उसके लिये कफ़न का कपड़ा ना जुट सका
शालिनी शर्मा
A smile can make short work of any difficulty.
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