NAMAN

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SMILE

Tuesday, 9 June 2015

NYAY KI AS LEKAR

 न्याय की आस लेकर वो घूम रहे थे 
वो रकम थी मोटी जिसने सच छिपा दिया  

पैसा नही है सबकुछ वो ये समझते थे 
पर पैसा ही है सबकुछ उनको बता दिया

पूरी लगन से वो हुनर अपना दिखाते हैं
 पल में उन्होंने सच को झूठ से सजा दिया

 वो घर सुकूं से सोने का सपना सजाये थे
 एक काल ने साहिब की घर ऑफिस बना दिया

तिकड़म जुगाड़बाजी चापलूसी और अदा 
उनके इन्ही गुणों ने उन्हें सब दिला दिया





 
                                      SAVE US            
                                                                 शालिनी शर्मा 

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