है कोन जो बर्बादी का इन्तजाम कर रहा है
खुद बैल उसे मारे ऐसा काम कर रहा है
अपना सुकूँ और चैन खुद हराम हराम कर रहा है
खुद घिर के आग में ,हवा बदनाम कर रहा है
जो था खिलाडी नांदा ,वो आराम कर रहा है
महनत से खेला जो वो जग में नाम कर रहा है
ये भाग्य है जो जीतना नाकाम कर रहा है
बाजी पलट वो उसका घर नीलाम कर रहा है
खुद बैल उसे मारे ऐसा काम कर रहा है
अपना सुकूँ और चैन खुद हराम हराम कर रहा है
खुद घिर के आग में ,हवा बदनाम कर रहा है
जो था खिलाडी नांदा ,वो आराम कर रहा है
महनत से खेला जो वो जग में नाम कर रहा है
ये भाग्य है जो जीतना नाकाम कर रहा है
बाजी पलट वो उसका घर नीलाम कर रहा है
No comments:
Post a Comment