छल, झूठ ,कपट, अन्याय यंहा
मानवता की सिसकारी है
धरती है लहूलुहान यँहा
अम्बर बटने की बारी है
ये तेरा है ,ये मेरा है
चंहु ओर ही मारामारी है
हर तरफ है लूट खसोट यंहा
संकट में दुनिया सारी है
हर तरफ भूख है ,तृष्णा है
नहीं ये संस्कृति हमारी है
आदर्शो की उच्च विरासत के
हम तो अधिकारी हैं
कंही गुम हो गया हमारा भारत
ढूंढे उसे सजाये हम
सदाचार ,अपनत्व ,प्रेम की
माला नई बनाये हम
गौरवशाली इतिहास हमारा
त्याग हमें सिखलाता है
गांधी ,और राम लखन का स्मरण
सही मार्ग दिखलाता है
श्री राम ने सन्तोषी बन के
सुख, सुविधाओं का त्याग किया
गाँधी जी ने भी परोपकार में
अपना जीवन त्याग दिया
सही आचरण बच्चो को
सिखलाना बहुत जरुरी है
बिन त्याग और संघर्ष ,समर्पण के
शिक्षाएं अधूरी है
शालिनी शर्मा
मानवता की सिसकारी है
धरती है लहूलुहान यँहा
अम्बर बटने की बारी है
ये तेरा है ,ये मेरा है
चंहु ओर ही मारामारी है
हर तरफ है लूट खसोट यंहा
संकट में दुनिया सारी है
हर तरफ भूख है ,तृष्णा है
नहीं ये संस्कृति हमारी है
आदर्शो की उच्च विरासत के
हम तो अधिकारी हैं
कंही गुम हो गया हमारा भारत
ढूंढे उसे सजाये हम
सदाचार ,अपनत्व ,प्रेम की
माला नई बनाये हम
गौरवशाली इतिहास हमारा
त्याग हमें सिखलाता है
गांधी ,और राम लखन का स्मरण
सही मार्ग दिखलाता है
श्री राम ने सन्तोषी बन के
सुख, सुविधाओं का त्याग किया
गाँधी जी ने भी परोपकार में
अपना जीवन त्याग दिया
सही आचरण बच्चो को
सिखलाना बहुत जरुरी है
बिन त्याग और संघर्ष ,समर्पण के
शिक्षाएं अधूरी है
शालिनी शर्मा
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