NAMAN

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SMILE

Tuesday, 5 May 2015

GAJAL mhfil se hta

महफ़िल से हटा उसको वो महफ़िल पे छा गया 
उसका हुनर दिखा के वाह वाही पा गया 
   दुश्मन से सावधान था वो हर जगह मगर 
    वो दोस्त था जीवन में जिससे धोखा खा गया 
जीवन में नहीं होता सारा कुछ सही सही 
उसका भी बुरा वक्त अब जीवन में आ गया 
     कहते हैं ठोकरों से लोग गिर के सम्भलते 
     उसको भी खा के ठोकरे  सम्भलना आ गया 
फितरत नहीं थी उसकी किसी से करे गिला 
वो हसं के दगाबाजी को उसकी भुला गया 
                                शालिनी शर्मा  

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