मोटे के मरने पर हिन्दी हास्य कविता
कृपया वजन ना बढ़ने दे वजन बढ़ना सेहत के लिए हानिकारक है
जनहित में जारी ----------
"सजल नयन मेरे भर भर आते हैं
कैसे इस विकट घड़ी को सह पायेंगे
अश्रुओं की धारा बार बार यही पूछती है
कितने लोग इसको उठायेंगे "
"कांधा देकर मोटे को कर लो थोड़ा व्यायाम
कसरत अच्छी चीज है छोडो दिनभर का आराम"
छोड़ के बीजेपी का दामन आप को गले लगाया है
सीएम बनने का सपना लो सिद्घू जी को आया है
कपिल के शो की कुर्सी शायद छोटी दिखने लगी उन्हें
एक बार फिर कुर्सी मोह ने अपना रंग दिखाया है
शालिनी शर्मा
तूफानों में भी हम डगमगाते नही हैं
क्योंकि कश्ती तूफानों में ले जाते नहीं हैं
अगर दिख जाये कोई हमसे तगड़ा
तो पंजा उससे लड़ाते नहीं हैं
क्योंकि सावधानी हटी दुर्घटना घटी
दिल से दिल जुड़ने की बाते हुई सभी पुरानी
ReplyDeleteआज कनैक्शन सिर्फ जुड़े है फोनो से ही जानी
याद करो मैड़म कहे,दोहे काये बनाये
ReplyDeleteतुम तो कबीरा चले गये, हमको दिया फंसाय
याद करो मैड़म कहे,दोहे काये बनाये
ReplyDeleteतुम तो कबीरा चले गये, हमको दिया फंसाय